रेडियोएक्टिवता संपादित करें रेडियो ऐक्टिवता की खोज हेनरी बेकरेल ने की । प्राकृतिक रूप से पाये जाने वाले रेडियोऐक्टिव तत्व वे हैं जिनका परमाणु क्रमांक 83 से अधिक (वर्तमान मे 84 से 92) हैं । इनमे पोलोनियम (84), रेडान (86), रेडियम (88), थोरियम (90) तथा यूरेनियम (92) प्रमुख हैं । अल्फा किरणें धनावेशित, बीटा किरणें ऋण आवेशित, एवं गामा किरणें उदासीन होती हैं । आइरीन क्यूरी तथा उनके पति जोलियो क्यूरी ने कृत्रिम रेडियो ऐक्टिवता की खोज की । गामा किरणों की बेधन क्षमता बहुत अधिक होती है, यह बीटा कणों की अपेक्षा 100 गुना तथा अल्फा कणों की अपेक्षा 10000 गुनी होती है । गामा किरणों की वेधन क्षमता X-किरणों की बेधन क्षमता से भी अधिक होती है । गामा किरणें लोहे की 30 सेमी मोटाई तक को पार कर सकती हैं । गैसों के आयनन की क्षमता अल्फा कणों मे सबसे अधिक तथा गामा कणों मे सबसे कम होती है । अल्फा किरणों की चाल सबसे कम तथा गामा किरणों की चाल सबसे अधिक लगभग प्रकाश के चाल के बराबर होती है । गामा किरणें उच्च ऊर्जायुक्त विद्युत चुम्बकीय तरंगें होती हैं । रेडियोऐक्टिव विघटन मे नाभिक एक ...
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